एसआईटी ने 3 घंटे की रादुविवि कुलगुरु से पूछताछ
सीसीटीवी कैमरों व अन्य तथ्यों को जानने विश्वविद्यालय भी पहुंची टीम
जबलपुर। रादुविवि के कुलगुरु प्रोफेसर राजेश वर्मा के खिलाफ एसआईटी ने जांच तेज कर दी है| उन्हें एसआईटी ने सोमवार को ही नोटिस देकर मंगलवार को ही तलब किया था वे बुधवार को हाजिर हुए| एसआईटी के समक्ष उन्होंने दलील दी कि कार्यपरिषद की बैठक के कारण वे उपस्थित नहीं हो सके| यहां बता दे कि एक महिला अधिकारी को अभद्र इशारे करने के मामले में मप्र हाईकोर्ट के निर्देश पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मध्यप्रदेश द्वारा तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया| एसआईटी ने अब जांच तेज कर दी है। पिछले दिनों जांच करने के बाद टीम पीएम का दौरा होने के कारण भोपाल लौट गई थी| टीम ने फिर जबलपुर में अपना डेरा डाल लिया और यहां एसआरपी आफिस में इस मामलें में जुड़े दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं|
बुधवार को एसआईटी के समक्ष रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय ( रादुविवि) के कुलगुरु पेश हुए। करीब 3 घंटे एसआईटी ने उनसे विभिन्न बिन्दुओं पर पूछताछ की| दूसरी ओर एसआईटी ने बुधवार को रादुविवि पहुंचकर सीसीटीवी कैमरों व अन्य तथ्यों की जांच पड़ताल की। विश्वविद्यालय पहुंचे अधिकारियों ने कुलसचिव डॉ राजेन्द्र बघेल से भी सीसीटीवी फुटेज के संबंध में जानकारी ली। इसके पूर्व पिछले सप्ताह एसआईटी ने पीड़िता महिला अधिकारी और घटना स्थल पर मौजूद कर्मचारियों के बयान दर्ज किए थे।
उल्लेखनीय है कि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय की एक महिला अधिकारी ने कुलगुरु प्रो. वर्मा पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए एक शिकायत राजभवन,उच्च शिक्षा विभाग सहित अन्य पक्षों से की थी। महिला अधिकारी का आरोप था कि 21 नवंबर को कुलगुरु चेंबर में एक बैठक के दौरान उन्हें अभद्र इशारे किए गए। जिसे चेंबर में लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग में देखा जा सकता है।
शिकायत कर्ता महिला अधिकारी ने सीसीटीवी फुटेज को अहम सबूत बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से फुटेज दिए जाने की मांग भी की थी। लेकिन जब लंबा समय बीत जाने के बाद भी न तो जांच हुई और न ही फुटेज मिले तो उक्त महिला अधिकारी ने मप्र हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए मामलें की जांच कराए जाने की मांग की थी इस पर हाईकोर्ट ने डीजीपी को एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए थे। तीन सदस्यीय एसआईटी इस मामलें की जांच कर रही हैं|
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान यह बात संज्ञान में आयी उक्त घटनाक्रम को लेकर गठित की गई दो अलग-अलग कमेटियां किसी न किसी तरह से जांच को प्रभावित कर रही है। कोर्ट ने जांच कमेटियों की रिपोर्ट पर सवाल खडे़ करते हुए डीजीपी को निर्देश दिए है कि एक एसआईटी गठित कर पूरे मामले की जांच करायी जाए। एसआईटी को 16 जून तक अपनी रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करना है।








