सीएम योगी बोले- आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण और पावन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण और पावन दिन है। गंगा दशहरा की पावन तिथि है आज ही के दिन मां गंगा का उतरन इस धरा पर हुआ था…आज ये पावन तिथि महाराज भगीरथ के बाद इस कार्य को अविरल और निर्मल गंगा के नाम पर नमामि गंगे परियोजना के माध्यम से पीएम मोदी ने देशवासियों को दिया। हम इसके लिए पीएम मोदी के आभारी हैं। आज विश्व पर्यावरण दिवस भी है पूरी दुनिया पर्यावरण के कठिन चुनौतियों से जूझ रही है। ये चुनौती मनुष्य द्वारा ही निर्मित चुनौती है और इसके समाधान का मार्ग भी मनुष्य को ही उठाना पड़ेगा और इसलिए पीएम मोदी ने पूरे भारतवासियों को आह्वान किया है कि इन चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें प्रकृति के साथ एक समन्वय और संवाद बनाना पड़ेगा। इस समन्वय और संवाद का नाम उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ दिया। आज उत्तर प्रदेश में इस कार्यक्रम की शुरुआत हुई है। ‘एक पेड़ मां के नाम’ ये कार्यक्रम आज से लेकर लगातार चलेगा और 23 जून को इसका एक बेहद रूप प्रदेश में देखने को मिलेगा…35 करोड़ से अधिक वृक्षारोपण का लक्ष्य हम लोगों ने इस बार भी रखा है ये क्रम 15 अगस्त तक लगातार चलेगा..” अयोध्या में हो रहे समारोह को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर कहा है कि प्रभु श्रीराम की पावन जन्मभूमि अयोध्या धाम में आज श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के प्रथम तल पर श्री राम दरबार सहित अष्ट देवालयों में पवित्र देव विग्रहों की प्राण- प्रतिष्ठा हेतु आयोजित कार्यक्रम का साक्षी बनने का परम सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। यह पावन अवसर ”एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की नूतन अभिव्यक्ति है।
आज 11:25 से 11:40 के बीच होगी प्राण प्रतिष्ठा
राम दरबार समेत आठ देव विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा पांच जून को गंगा दशहरा के शुभ अवसर पर सुबह 11:25 से 11:40 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में होगी। गंगा दशहरा के दिन सिद्ध योग भी बन रहा है। इसी दिन रामेश्वरम की भी प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। सुबह छह बजे से प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान शुरू हो गया। सुबह देवताओं का पूजन यज्ञमंडप में किया गया। इसके बाद प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान शुरू कर दिया गया। पूजन, भोग, आरती के बाद अनुष्ठान का समापन होगा। समारोह में संघ, विहिप व भाजपा से जुड़े पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया गया है। स्थानीय साधु-संतों की भी मौजूदगी रहेगी। जातीय मंदिरों के संतों को भी बुलाया गया है। सभी के लिए परिसर में ही लंच पैकेट की व्यवस्था की गई है।








