JABALPUR: शौचालय निर्माण में घोटाले के आरोप से गूंजा सदन
साधारण सभा की बैठक में नेताप्रतिपक्ष ने उठाया मुद्दा हंगामें के बीच बैठक कल तक के लिये स्थगित
जबलपुर। नगर निगम की साधारण सभा की बैठक में एजेंडे में शामिल सभी 18 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिये गये. अन्य विषयों में अध्यक्ष की सहमति से डोर टू डोर कचरा कलेक्शन और जल संकट पर कल गुरुवार दोबारा चर्चा होगी. 18 प्रस्तावों में जनहित से जुड़े मुद्दों को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. यद्यपि गंदगी पर 50 हजार से 1 लाख का जुर्माना लगाने के मुद्दे पर विपक्ष ने स्पष्टीकरण मांगा जिसपर सत्तापक्ष की ओर से जवाब दिया गया की सड़क पर मलबा फैलाने वालों और प्लास्टिक उद्योग उत्पादन आयात भंडारण वितरण पर यह जुर्माना लागू होगा. नेता प्रतिपक्ष अमरीष मिश्रा ने जोन नम्बर 13 और 14 लोक निर्माण विभाग डिवीजनल इंजीनियर नहीं होने का मुद्दा उठाया. इस पर उपसचेतक आयोध्या तिवारी ने तंज कसते हुये कहा की आप इंजीनियर की बात कर रहे यहां सवा साल से आधी अधूरी एमआईसी है. यह किसी का व्यक्ति विशेष मामला नहीं है, भगवान भरोसे सब चल रहा है. इसी तरह वाटर हारवेस्टिंग सबसे पहले निगम मुख्यालय में लगाने की मांग उठाई गई. बड़े नालों की सफाई के लिये मात्र 2 सुपर सकर मशीन उपलब्ध होन पर भी सवाल खड़े किय गये. पार्षद आयोध्या तिवारी ने कहा की शहर में 16 जोन हैं, कम से कम 8 मशीन तो होनी ही चाहिये. यह प्रस्ताव हुये पारित… वहीं बैठक में घमापुर सड़क चौड़ीकरण हेतू भूमिअधिग्रहण मुआवजा मंजूर किया गया. वहीं आशीष हास्पिटल से मदन महल स्टेशन मार्ग शरद चंद तिवारी के नाम किये जानें, धर्मायतन जिन मंदिर के मार्ग को भगवान महावीर स्वामी मार्ग, इसी तरह करमेता पाटन रोड मार्ग पर स्थित ज्ञनयातन जिन मंदिर प्रवेश मार्ग को भगवान आदिनाथ के नामकरण किये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. इसके अलावा रविशंकर शंकर शुक्ल स्टेडियम मार्केट में दुकानों के किराए वृध्दि के प्रस्ताव, स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, गंदगी फैलाने पर जुर्माने सहित अन्य विषयों पर प्रस्ताव पास हुये. जिसके बाद बैठक गुरुवार 12 मई तक के लिये स्थिगित कर दी गई नगर निगम की साधारण सभा की बैठक सोमवार को पंडित भवानी प्रसाद सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक की शुरुआत में अध्यक्ष रिंकुज विज, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, और नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ने पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए लोगों, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, पत्रकार महेश महदेले, पार्षद जितेंद्र कटारे की नानी और पार्षद राहुल साहू के पिता सहित दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा। स्वच्छता अभियान में फर्जीवाड़े का आरोप नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा के एक आरोप ने सदन में हलचल मचा दी। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 5-6 वर्ष पूर्व स्वच्छता अभियान के अंतर्गत बनाए गए शौचालयों में बड़ा घोटाला हुआ है। उनके अनुसार अधिकांश शौचालय केवल कागजों पर बने और करोड़ों रुपये का गबन हुआ। जिन लोगों के नाम पर शौचालय बनाए गए, उनके नाम और मोबाइल नंबर भी फर्जी पाए गए हैं। भाजपा पार्षद कमलेश अग्रवाल और जल प्रभारी दामोदर सोनी ने भरोसा दिलाया कि यदि शिकायत सही पाई गई, तो दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गंदगी फैलाने पर जुर्माने का प्रस्ताव सदन में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर एक नया प्रस्ताव पेश किया गया, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने का नियम लाने की बात कही गई। नेता प्रतिपक्ष ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जब डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सेवा ही ठप है, तो लोग मजबूरी में कचरा बाहर फेंक रहे हैं। ऐसे में उन पर जुर्माना लगाना अन्यायपूर्ण होगा। इसके बाद जल प्रभारी द्वारा परिपत्र पढ़कर स्थिति स्पष्ट की गई। सदन के बाहर प्रदर्शन सदन के भीतर जहां विकास की बात हो रही थी, वहीं बाहर हकीकत कुछ और थी। डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करने वाले कर्मचारी पिछले तीन महीनों से वेतन न मिलने के कारण प्रदर्शन कर रहे थे। साथ ही मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों के नागरिक जल संकट को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। इससे स्पष्ट है कि जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान अब भी अधूरा है। नगर निगम पहुंचे नागरिकों ने नियमित जलापूर्ति की मांग की और महापौर एवं दोषियों के विरोध में नारेबाजी की। जनता के समर्थन में पार्षदों को बैठक बीच में छोड़कर सदन से बाहर आना पड़ा। जनता मुखर हुई तो महापौर को भी बैठक में जारी चर्चा को बीच में छोड़कर बाहर आना पड़ा। जनता से मुखातिब महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने जनता की समस्याओं को सुना और शीघ्र निदान का आश्वासन दिया। सफाई कर्मियों ने एजेंसी पर लगाए गंभीर आरोप नगर निगम की सफाई की जिम्मेदारी देख रही एजेंसियों की कार्य प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। बीते तीन महीने से पारिश्रमिक से वंचित सफाई कर्मियों ने नगर निगम पहुंचकर नारेबाजी की और महापौर से बकाया पारिश्रमिक तत्काल प्रदान करने की गुहार लगाई। बाबा बर्फानी एजेंसी पर सफाई कर्मियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कर्ज लेकर घर चला रहे स्वच्छता कर्मियों की बात सुनने के बाद महापौर ने उनको तीन दिन में पारिश्रमिक का भुगतान प्रदान करने का आश्वासन दिया है।