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मध्यप्रदेश में तैयार होगा… यूनिफाइड पोर्टल सिस्टम

मप्र में सरकार का फोकस इस बात पर है कि प्रदेश की जनता को सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से मिल सके। इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूनिफाइड पोर्टल सिस्टम बनाने को कहा है। यूनिफाइड पोर्टल में सभी विभागों की 1700 सेवाओं को जोडकऱ लॉन्च किया जाएगा। इससे आमजन को सभी विभागों की सेवाएं एक ही जगह पर मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री का कहना है कि प्रदेश में आमजन को सुविधाएं उपलब्ध कराने में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। विभिन्न विभागों की सेवाओं का लाभ आमजन को आसानी से दिलाने के लिए यूनिफाइड पोर्टल सिस्टम तैयार किया जाए। जिसमें विभिन्न विभागों की सेवाएं एक साथ जोड़कर, आमजन को एक ही स्थान पर लाभ दिलाना सुनिश्चित करें।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रमुख शहरों इंदौर, भोपाल, जबलपुर एवं ग्वालियर में एमपीएसइडीसी द्वारा आईटी पार्क विकसित किए गए हैं। राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश के अनुकूल वातावरण एवं निवेश की बढ़ती संभावनाओं के दृष्टिगत आईटी पार्कों की संख्या बढ़ाई जाए। उन्होंने इंदौर सहित सभी आईटी पाकों को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न इंजीनियरिंग कॉलेजों का आईआईटी के अनुरूप क्षमतावर्धन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में सिंहस्थ-2028 में विभिन्न तकनीकी कार्यों एवं व्यवस्थाओं के प्रभावी संचालन में नई प्रौद्योगिकी की मदद ली जाए। इसे सुनिश्चित करने के लिए एमपीएसइडीसी सॉफ्टवेयर एप तैयार करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नई ड्रोन नीति तैयार कर इसे लागू किया है। प्रदेश में कानून और व्यवस्था नियंत्रण के लिए ड्रोन का उपयोग बढ़ाने के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाई जाए। इसके साथ ही शहरी यातायात प्रबंधन के लिए भी ड्रोन का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ड्रोन के माध्यम से निगरानी तंत्र को मजबूत करते हुए डेटा संग्रहण क्षमता को बढ़ाने की आवश्यकता है। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा कि ड्रोन द्वारा सर्वेक्षण एवं निगरानी प्लान को ओनल प्लान बनाकर योजनाबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा के लिए गृह विभाग के साइबर एक्सपट्र्स से भी इनपुट लिए जाएं। सिंहस्थ-2028 के टेक्निकल सपोर्ट का प्लान नगरीय आवास एवं सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग मिलकर तैयार करें। प्रयागराज महाकुम्भ-2025 के प्लान का अध्ययन भी करें। उन्होंने कहा कि राज्य की स्पेस टेक नीति तैयार करने के लिए अन्य राज्यों की नीतियों का भी अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि राज्य में स्टार्टअप्स कल्चर को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी मदास के मॉडल का अनुसरण किया जा सकता है।
मप्र में जल्द ही बनेगी स्पेस टेक नीति
अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत कार्यों की अद्यतन स्थिति से मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि राज्य की स्पेस टेक नीति तैयार करने के लिए स्टेक होल्डर्स को भी कंसल्ट किया गया है। शीघ्र ही राज्य की स्पेस टेक नीति तैयार की जाएगी। अपर मुख्य सचिव दुबे ने बताया कि एमपी-सर्ट द्वारा विभिन्न विभागों का साइबर सुरक्षा के संबंध में प्रशिक्षण कराया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में साइबर सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए कार्यवाही की जा रही है। दुबे ने जानकारी दी कि नर्मदा नदी के गहरीकरण का मानचित्रण कराया गया है। उन्होंने बताया कि शासकीय कर्मचारियों के लिए ईएचआरएमएस, सिंगल साइन ऑन, नागरिकों लिए यूनिफाइड पोर्टल आदि विकसित किए गए हैं। उन्होंने डेटा सेंटर के विकास, एवीजीसी लैब, इनक्यूबेशन सेंटर्स की स्थापना, आईटी स्टार्टअप्स, ईएसडीएम पार्क की स्थापना, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, जीसीसी की स्थापना आदि बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में आईटी और संबंधित क्षेत्रों के उद्योगों की स्थापना के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
बढ़ाएं आईटी पार्कों की संख्या
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के प्रमुख शहरों इंदौर, भोपाल, जबलपुर एवं ग्वालियर में एमपी-एसईडीसी द्वारा आईटी पार्क विकसित किए गए हैं। राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश के अनुकूल वातावरण एवं निवेश की बढ़ती संभावनाओं के दृष्टिगत आईटी पार्कों की संख्या बढ़ाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर सहित सभी आईटी पार्कों को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न इंजीनियरिंग महाविद्यालयों का आईआईटी के अनुरूप क्षमतावर्धन करने के निर्देश दिए।
कानून-यवस्था नियंत्रण के लिए ड्रोन का उपयोग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून और व्यवस्था नियंत्रण के लिए ड्रोन के उपयोग की व्यापक कार्य योजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि शहरी यातायात प्रबंधन के लिए भी ड्रोन का उपयोग सुनिश्चित किया जाए। साथ ही ड्रोन के माध्यम से निगरानी तंत्र को मजबूत करते हुए डेटा संग्रहण क्षमता को बढ़ाने की आवश्यकता है। प्रदेश सरकार ने नवीन ड्रोन नीति तैयार कर इसे लागू किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जानकारी दी गई कि वर्तमान व्यवस्था के अनुसार राजस्व, नगरीय विकास एवं आवास, रेरा, लोक निर्माण, जल संसाधन सहित विभिन्न विभागों की परियोजनाओं में सर्वेक्षण एवं निगरानी कार्य के लिए ड्रोन की सहायता ली जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर अटैक की घटनाएं रोकने एवं उनके प्रभावी निष्पादन के लिए मप्र कम्प्यूटर इमरजेंसी टीम का गठन किया जाए और सभी शासकीय विभागों में मुख्य सुरक्षा अधिकारी तैनात किए जाएं। उन्होंने कहा कि विभागों के सभी आईटी प्रोजेक्ट वेबसाइट एप्स का सिक्योरिटी ऑडिट किया जाए, जिसमें सिस्टम के सुरक्षा मानक, डेटा प्रबंधन और प्रोजेक्ट्स की कार्यक्षमता का मूल्यांकन सुनिश्चित हो, जिससे समय रहते किसी भी संभावित जोखिम की पहचान एवं बचाव के उपाय किए जा सकें। मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि पिछले माह ऑपरेशन सिंदूर के समय संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त 72 आईपी की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करने की कार्रवाई की गई।

Deepu Choubey

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