JABALPUR: अमखेरा तालाबा के अस्तित्व को खत्म का रहे भू-माफिया
कलेक्टर से क्षेत्रीयजनों ने की शिकायत, कार्यवाही की मांग
जबलपुर। जहां एक ओर सरकार द्वारा जल संवर्धन को लेकर बड़े-बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। प्राचीन तालाबों-बावड़ी आदि को संरक्षण करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं कई जगहों पर ऐसा देखा जा रहा है कि भू-माफियाओं द्वारा तालाबों आदि को अपने फायदे के लिए पूरकर प्लाटिंग आदि कर लाखों-करोड़ों के वारे न्यारे किए जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मंगलवार को कलेक्टर जनसुनवाई में सामने आया। जहां अमखेरा स्थित एक तालाब की भूमि को भू-माफियाओं द्वारा पूरकर प्लाटिंग करने की शिकायत क्षेत्रीयजनों ने की है। जानकारी अनुसार कलेक्टर के नाम एक लिखित शिकायत देकर अमखेरा निवासी विनय यादव ने आरोप लगाया हे कि गोंडवाना काल की प्राचीन धरोहर, जलसंवर्धन के लिए बनाये गए अमखेरा वार्ड क्रमांक 74 स्थित तालाब जिसका खसरा नंबर 269 (पुराना 186)को भू-माफियाओं द्वारा पूरकर प्लाटिंग की जा रही है। शिकायत में बताया कि शासकीय राजस्व रिकार्ड प्रथम बंदोबस्त सन 1909-10 के निस्तार प्रत्रक में अमखेरा का वर्तमान खसरा नं. 269 तालाब के रूप में जिसका रकवा लगभग 40 एकड़ दर्ज है। शिकायतकर्ता ने बताया कि 1909-10 से लेकर सन 2008 तक उक्त संपूर्ण खसरा राजस्व रिकार्ड में तालाब के रूप में दर्ज होकर सिंघाडे की खेती की जाती रही है। अमखेरा तालाब के कुछ हिस्सेदारों ने साजिश पूर्वक धीरे-धीरे तालाब को पूरकर अवैध प्लाटिंग कर दी है। जो कि अभी भी जारी है।
विधायक ने विधानसभा में उठाया था प्रश्न
शिकायतकर्ता ने बताया कि अमखेरा तालाब के असतित्व को बचाने के लिए भाजपा विधायक द्वारा विधानसभा में प्रश्न भी उठाया गया था। इसके साथ ही तालाब को अचाने के संबंध में उच्च न्यायालय में याचिकाएं भी दायर की गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इसके बावजूद भी डॉ सत्येन्द्र सिंह यादव, अरविंद सिंह यादव, अखिलेश जैन, वीरेश्वर सिंह यादव आदि अन्य तालाब को पूरकर अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर से मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्यवाही की मांग की है।