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ईरान पर अमेरिकी हमले पर यूएन ने जताई चिंता, अब हालात बहुत खतरनाक

महासचिव ने कहा- संघर्ष नियंत्रण से बाहर हुआ तो दुनिया पर पड़ेगा बुरा असर
जेनेवा। संयुक्त राष्ट्र ने इजराइल-ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष पर चिंता जताई है। महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि हालात बहुत खतरनाक हैं और अब यह संघर्ष नियंत्रण से बाहर जा सकता है। इसका बहुत बुरा असर आम लोगों के साथ पूरे इलाके और दुनिया पर भी पड़ेगा। शनिवार रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्र के नाम संबोधन से कुछ मिनट पहले एक बयान में गुटेरेस ने कहा कि यह हमला अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है।
उन्होंने कहा कि वह आज ईरान के विरुद्ध संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा किए गए बल प्रयोग से बेहद चिंतित हैं और चेतावनी दी कि इस बात का खतरा बढ़ रहा है कि यह संघर्ष नियंत्रण से बाहर हो सकता है, जिसके नागरिकों, क्षेत्र और विश्व के लिए विनाशकारी परिणाम होंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा- इस संकट की घड़ी में जरूरी है कि हम अराजकता और तबाही के इस सिलसिले को रोकें। इस हालात का कोई सैन्य समाधान नहीं है। आगे बढ़ने का रास्ता सिर्फ बातचीत है।
इससे पहले ट्रंप ने ट्रूथ पर हमले की जानकारी दी थी। ट्रंप ने कहा कि उनकी सेना ने ईरानी शासन के तीन प्रमुख परमाणु प्रतिष्ठानों- फोर्डो, नतांज और एस्फाहान पर बड़े पैमाने पर सटीक हमले किए हैं। इसके बाद उन्होंने अमेरिका को इसकी पूरी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य ईरान की परमाणु संवर्धन क्षमता को नष्ट करना और उत्पन्न परमाणु खतरे को रोकना है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और इजराइल ने एक टीम के रूप में काम किया है, जैसा कि शायद पहले किसी टीम ने नहीं किया। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान में या तो शांति होगी या फिर त्रासदी होगी जो पिछले आठ दिनों में हमने देखी उससे कहीं ज्यादा बड़ी होगी। उन्होंने कहा कि ईरान में और भी कई ऐसे लक्ष्य हैं, जिन पर अमेरिका हमला कर सकता है। उन्होंने कहा कि यदि शांति जल्द नहीं होती है, तो हम सटीकता, गति और कौशल के साथ उन अन्य लक्ष्यों पर हमला करेंगे। उनमें से अधिकांश को कुछ ही मिनटों में नष्ट किया जा सकता है। हालांकि इससे पहले ट्रंप ने यह भी कहा था कि अब शांति का समय है। इस मामले पर ध्यान देने के लिए आपका धन्यवाद।
ट्रंप ने कहा कि दुनिया में कोई भी सेना ऐसी नहीं है जो वह कर सके जो हमने आज रात किया है। यहां तक कि करीब भी नहीं। इजराइल ने 13 जून को ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला करना शुरू कर दिया था और ईरान ने मिसाइलों और ड्रोन से जवाबी हमला किया, जिनमें से कुछ इजराइल की सुरक्षा को भेदने में सफल रहे।
ट्रंप ने गुरुवार को कहा था कि वह दो सप्ताह के अंदर फैसला लेंगे कि हमला करना है या नहीं, लेकिन यह फैसला दो दिन बाद ही आया। ट्रंप ने कहा कि जिन तीन स्थलों पर हमला हुआ है उनमें से दो पर पहले भी इजराइल ने हमला किया था। ट्रंप फोर्डो और नतांज की बात कर रहे थे। जिस तीसरी फैसिलिटी पर हमला किया गया, वह संवर्धित यूरेनियम का भंडारण था।
Deepu Choubey

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