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यूएनएससी की बैठक में भारत ने पाकिस्तान को लताड़ा कहा- कुछ तो शर्म करो

जिनेवा। भारत ने एक बार फिर इंटरनेशनल मंच पर पाकिस्तान की झूठी बयानबाजी और आतंक के समर्थन को बेनकाब करते हुए कड़ा जवाब दिया। यूएनएससी यानी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक बार फिर भारत ने पाकिस्तान की बखिया उधेड़ी है। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले, सीमा पार आतंकवाद, और अफगान बच्चों की हत्या जैसे गंभीर मुद्दों का हवाला देते हुए भारत ने पाकिस्तान को आतंकवाद का पनाहगाह करार दिया। भारत ने कहा कि पाक को शर्म भी नहीं आती। उसे तो अब दूसरों को उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
यूएनएससी में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत परवथनेनी हरिश ने आतंकवाद पर पाकिस्तान को खूब खरी-खोटी सुनाई। यूएनएससी में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत परवथनेनी हरिश ने कहा, ‘पाकिस्तान यूएनएससी की प्रक्रियाओं को बार-बार बाधित कर अपने नापाक एजेंडे को आगे बढ़ा रहा है। हम उसके उन प्रयासों को खारिज करते हैं, जिनके जरिए वह अपने देश में बच्चों पर हो रहे अत्याचारों से ध्यान हटाना चाहता है।’ भारत ने जोर देते हुए कहा कि यूएन महासचिव की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में स्कूलों, खासकर लड़कियों के स्कूलों, और स्वास्थ्यकर्मियों पर हमले किए गए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अफगान सीमा से लगे इलाकों में पाकिस्तानी सेना की ओर की गई गोलाबारी में कई अफगान बच्चों की मौत और विकलांगता हुई।
भारत ने कहा कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 टूरिस्टों की हत्या पाकिस्तान के समर्थन वाले और उससे ट्रेनिंग पाए आतंकियों ने की थी। इस घटना के बाद 25 अप्रैल को यूएनएससी ने प्रेस बयान जारी कर अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने की मांग की थी। इसके जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों को सटीक और गैर-बढ़ते तरीके से निशाना बनाया। भारत ने बताया कि इन हमलों में मारे गए आतंकियों को पाकिस्तान ने राजकीय सम्मान से दफनाया, जो साफ दिखाता है कि पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देता है। फिर भी पाकिस्तान दूसरों को उपदेश देने की कोशिश करता है।
आतंकिस्तान की पोल खोलते हुए हरिश ने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने मई 2025 में हमारे सीमावर्ती गांवों पर जानबूझकर गोलाबारी की, जिसमें कई नागरिक मारे गए और घायल हुए। इस तरह के व्यवहार के बाद इस निकाय में उपदेश देना घोर पाखंड है। अंत में भारत ने दो टूक कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और रहेगा, चाहे पाकिस्तान कितना भी झूठ और दुष्प्रचार करता रहे।
Deepu Choubey

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