
अनूप पासवान/कोरबा. कोरबा में सहकारी समिति के एक कर्मचारी ने अपने अधिकारी की प्रताड़ना से तंग आकर आत्मदाह करने का फैसला ले लिया है. कर्मचारी का आरोप है कि उसे धान खरीदी कार्य के एवज में करीब 4 लाख रुपए से अधिक की राशि नहीं मिली है. राशि की मांग करने पर बैंक प्रबंधक द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है. कर्ज में डूबे कर्मचारी ने अपने परिवार के साथ आत्मदाह करने की चेतावनी दी है.
कलेक्टर के पास दरख्वास्त लेकर पहुंचा ये सख्श हरदीबाजार धान उपार्जन केन्द्र का प्रबंधक डगेश्वर पाण्डेय है. बीते साल में इलाके के तीन धान खरीदी केंद्रों की जिम्मेदारी मिली थी. व्यवस्थित तरीके से किसानों का धान खरीदा गया. मगर अपने हक के लिए इन्हे भटकना पड़ रहा है. पीड़ित डगेश्वर पाण्डेय ने बताया कि तीन धान खरीदी केंद्रों में सुतली खरीदी की पूरी राशि बकाया है. 4 चौकीदार का मेहनताना बाकी है. इसके अलावा जीरो शॉर्टेज का कमीशन भी रुका हुआ है. जिसके कारण पीड़ित कर्जे में डूब गया है.
राशि नहीं मिलने पर दी परिवार संग जान देने की धमकी
आरोप है कि सहकारी बैंक हरदीबाजार के बैंक प्रबंधन द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है. इस बात से तंग आकर प्रबंधक डगेश्वर पाण्डेय ने मामले की शिकायत कलेक्टर संजीव झा से की है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर तीन दिनों के भीतर उन्हे राशि नहीं मिली तो परिवार के साथ जान दे देंगे.
इस मामले पर संबधित बैंक मैनेजर से बात की गई तो उन्होंने सारे आरोपों को सिरे से खरीज करते हुए प्रबंधक पर ही कागजी कार्रवाई पूर्ण नहीं करने का आरोप लगाया है. बैंक मैनेजर गिरधारीलाल यादव ने कहा कि प्रबंधक द्वारा जानबूझ कर मेरी छवि को धूमिल किया जा रहा है.
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FIRST PUBLISHED : June 13, 2023, 16:07 IST








