JABALPUR: आराधना का प्रत्यक्ष दर्शन ही भगवान् का अवतार है: चैतन्यानंद
जबलपुर। गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रीमद्भागवत ज्ञान सप्ताह बगुलामुखी सिद्धपीठ शंकराचार्य मठ सिविक सेंटर मढ़ाताल में ब्रह्मचारी सुबुद्धानंद महाराज के आशीर्वाद से आयोजित कथा के अवसर पर ब्रह्मचारी चैतन्यानंद ने बताया परमात्मा सत्य-स्वरूप हैं तथा इस सृष्टि के सृजनकर्ता हैं चराचर जगत परमात्मा का ही स्वरूप है अतः भगवान ब्रह्मा से लेकर चींटी तक का सृजन करते हैं। माध्यम ब्रह्मा को बनाते हैं मनु शतरूपा के माध्यम से मैथुनी मानवी सृष्टि प्रारंभ हुई। परीक्षित के माध्यम से हमारे श्रीमद्भागवत की साप्ताहिक परंपरा इस कलियुग में श्री शुकदेव जी के द्वारा प्राप्त हुई। संस्कारों की निर्माता मां होती है मां सुनीति के संस्कार एवं सद्गुरु के ज्ञान से बालक ध्रुव भक्त को भगवान् का दर्शन हुआ। कथा के माध्यम से कपिल गीता,पृथु चरित्र,सती एवं जड़ भरत चरित्र तथा भक्ति की पराकाष्ठा के स्वरूप को सिद्ध करने के अपने भक्त की रक्षार्थ ब्रह्मा के वरदानों को सिद्ध करने हेतु प्रहलाद कथा के द्वारा भगवान् नृसिंह के प्राकट्य का भक्ति पूर्ण विवेचन किया। व्यास पीठ का पूजन किया संजय मिश्र मधु मिश्रा श्याम नीता चौदहा गोविंद पद्मिनी विश्वकर्मा विजय नेहा साहू रत्ना सुनील गुप्ता शशिकांत शिखा तिवारी आरती नितिन सराफ राजू रानू गुप्ता आदि ने किया ।