श्रम संगठनों ने आयुध निर्माणियों, रेलवे, बैंकों ने किया प्रदर्शन
जबलपुर। केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आव्हान पर केंद्र सरकार की श्रम विरोधी नीतियों के खिलाफ 17 सूत्रीय मांगों को लेकर बुधवार को शहर कहीं रैली कहीं नारेबाजी तो कहीं कहीं काम का बहिष्कार किया गया। बरसते पानी में आयुध निर्माणियों व रेलवे में प्रदर्शन किए गए| इस हड़ताल का सुरक्षा संस्थानों, बैंक, डाकघर, एलआईसी, में भी व्यापक असर देखा गया| हड़ताल के दौरान इन विभागों की सेवाएं प्रभावित रही| ट्रेड यूनियन की मांग है कि श्रम कानूनों में परिवर्तन, नई पेंशन योजना, यूनिफाइड पेंशन योजना, लगातार हो रहे मजदूरों का शोषण बंद किया जाए। इन मांगों के समर्थन में 9 जुलाई बुधवार को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल की घोषणा की गई थी। उक्त आव्हान के चलते शहर में स्थित आयुध निमर्माणियों में कर्मचारियों ने एक घंटे कार्य का बहिष्कार करते हुए सुबह विरोध प्रदर्शन कर किया।
भारी बारिश में भी कर्मचारी आंदोलन सफल ……
ऑल इंडिया डिफेंस एंप्लॉय फेडरेशन के आव्हान पर भारी बारिश के बावजूद शहर की सुरक्षा संस्थान ओएफके, व्हीकल, जीआईएफ, जीसीएफ, में कर्मचारी नेताओं ने प्रदर्शन कर नारे बाजी की और एक घंटे काम का बहिष्कार किया| जीसीएफ के मुख्य द्वार पर सैकड़ो की तादाद में कर्मचारी सुबह 7:30 बजे से इकट्ठा होना चालू हो गए और यह आंदोलन 9:00 बजे तक चला 9:00 बजे सभी कर्मचारी निर्माणी के अंदर प्रवेश होकर अपनी एक घंटा लेट की उपस्थिति दर्ज कराई| जीसीएफ में रोहित यादव विनय गुप्ता उत्तम विश्वास अमित चंदेल राजा पांडे पार्थ ओझा बीरबल सिंह रितेश बेन देवेंद्र भदोरिया राजेश भारती राहुल गुप्ता कृष्ण कुमार शर्मा अमरेश विवेक शुक्ला आदि उपस्थित थे|
रेलवे ने मजदूर संघ ने किया प्रदर्शन……….
राष्ट्रव्यापी हड़ताल के समर्थन में वेस्ट सेन्ट्रल रेलवे मजदूर संघ द्वारा मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के समक्ष जंगी विरोध प्रदर्शन किया संघ प्रवक्ता सतीश कुमार ने बताया कि प्रदर्शन में मंडल अध्यक्ष एसएन शुक्ला ,मंडल सचिव डीपी अग्रवाल ने सरकार को चेताते कहा कि यदि रेल कर्मचारियों समेत केन्द्रीय कर्मचारियों की ज्वंलत मांगो व उनके मूलभूत अधिकारो को देने, ओपीएस लागू करने की मांग, एनएफआईआर द्वारा सुझाये गये वेतनमान को लागू करने आदि मांगे पूरी नहीं हुई, तो रेलवे में भी बड़ा आंदोलन होगा। उन्होने कहा कि श्रम कानूनो के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जायेगा, सभा में आर.ए. सिंह, ए.के.पाठक, एस.के.सिंह., संतोष त्रिवेणी आदि वक्ताओं ने रेलवे में आउट सोर्स, निजीकरण, निगमीकरण रोकने, नये पदो के सृजन पर लगी रोक हटाने आदि मांगो को पूरा नहीं करने की दशा में रेल के पहिये थम सकते है।








