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बांग्लादेश में महिला सरकारी अधिकारियों को सर कहने का नियम बंद

ढाका। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने एक बड़ा फैसला लेकर महिला सरकारी अधिकारियों को सर कहने के पुराने नियम को रद्द कर दिया है। यह नियम पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के शासनकाल के दौरान लागू था, जिसके तहत उन्हें और अन्य महिला अधिकारियों को भी सर कहकर संबोधित किया जाता था।
एडवाइजरी काउंसिल की बैठक में यह फैसला हुआ। आधिकारिक नोटिस में इस नियम की आलोचना करते हुए कहा गया कि यह सामाजिक और संस्थागत रूप से अनुचित और अवांछनीय था। सरकार ने सही और सम्मानजनक भाषा के उपयोग को सुनिश्चित करने की बात कही है, जो सामाजिक मूल्यों और मानदंडों के अनुरूप हो। इस निर्णय के तहत सर कहने की बाध्यता को पूरी तरह समाप्त किया गया है। इतना ही नहीं अंतरिम सरकार ने अन्य पुराने और जटिल प्रोटोकॉल नियमों की समीक्षा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है। इसके लिए एक नई समिति बनाई गई है, जिसकी अध्यक्षता सैयदा रिजवाना हसन कर रही हैं। समिति को एक महीने के भीतर अपनी सिफारिशें सौंपने को कहा गया है। लिंग के अनुसार संबोधन को लेकर पहले भी सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में काफी असहजता महसूस की जाती थी।
Deepu Choubey

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