जबलपुर (News Life)। सामाजिक सहिष्णुता और समरसता के नाम होगा आयोजन (चौरसिया दिवस) नागपंचमी पर होगा कजलियों के लिए पात्रो का वितरण
भारतीय त्यौहार सामाजिक सहिष्णुता और समरसता के प्रतीक हैं। इन पर्वो के आयोजन पर सभी जाति, वर्ग और समाज के लोग आपस में जुड़कर आपसी एकता का संचार करते हैं।
कजलियां महापर्व भी इसी परंपरा से ओतप्रोत है, जिसमें समन्वय, सद्भाव व समरसता की सामाजिक खुशबू है। ये खुशबू हमारे मन-बुद्धि में फैलकर वृहद रूप से राष्ट्रीय एकता की माला बन कर भारत माता के गले का मंगलाहार बनती है।
इसी उद्देश्य के साथ समरसता संगठन ने कजलियां महोत्सव के आयोजन की संयोजना की है। इस भव्य-दिव्य एवं गरिमामय समारोह की संयोजना पर संतों-महंतों सहित प्रबुद्धजनों का आशीर्वाद और सबका साथ एक मंच पर होगा।
संस्कारधानी के इतिहास में समरसता सेवा संगठन ने विगत वर्ष पहली बार बड़े स्तर पर कजलियां महोत्सव मनाया था। पिछले वर्ष संस्कारधानी के 42 सामाजिक संगठनों की सहभागिता थी। इस बार आयोजन को लेकर सर्वसमाज के उत्साह को देखते हुए श्री जैन ने आशा जताई कि पिछली बार से अधिक संगठनों की सहभागिता आयोजन में होगी। इसके अलावा कई व्यापारिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक संस्थाओं की सहभागिता भी रहेगी।
आयोजन में शामिल संगठनों के प्रतिनिधि चौरसिया दिवस (नागपंचमी) आयोजन में वितरित किए गए कजलियां पात्र में बोई हुई








