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वसीम अकरम की मूर्ति को लेकर खड़ा हुआ विवाद

हैदराबाद। पाकिस्तान के हैदराबाद शहर स्थित नियाज स्टेडियम में स्थापित दिग्गज तेज गेंदबाज वसीम अकरम की मूर्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हालांकि, मूर्ति का अनावरण अप्रैल 2025 में होना प्रस्तावित था, लेकिन इससे पहले ही इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिसके बाद प्रशंसकों ने मूर्ति के चेहरे की बनावट पर सवाल उठाते हुए जमकर आलोचना की।
मूर्ति में अकरम को उनके विशिष्ट गेंदबाजी एक्शन में दिखाया गया है, जिसमें वह 1999 के आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप की पाकिस्तान टीम की आधिकारिक जर्सी पहने नजर आ रहे हैं। वायरल हुई तस्वीरों में मूर्ति का चेहरा वसीम अकरम से मेल नहीं खा रहा, जिस वजह से यह इंटरनेट पर मीम्स और मजाक का विषय बन गया है। एक यूजर ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर कमेंट करते हुए लिखा कि ऐसा लगता है मानो वसीम अकरम को सिल्वेस्टर स्टेलोन के चेहरे के आधार पर गढ़ा गया हो। वहीं, एक अन्य यूजर ने अकरम की पाकिस्तान सुपर लीग के दौरान की एक तस्वीर शेयर की, जिसमें वे अपनी टीम के खराब प्रदर्शन से खिन्न दिख रहे हैं, और मजाक में लिखा, “वसीम अकरम अभी।” कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इस मूर्ति को अपडेट कराने की सलाह तक दे डाली। वसीम अकरम का क्रिकेट में योगदान बेहद अहम रहा है। उन्होंने 1984 से 2003 के बीच पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया और अपने करियर में 414 टेस्ट और 502 वनडे विकेट चटकाए। उन्हें न केवल पाकिस्तान का बल्कि विश्व क्रिकेट का सर्वश्रेष्ठ बाएं हाथ का तेज गेंदबाज माना जाता है।
1992 के विश्व कप में उनकी भूमिका निर्णायक रही थी, जहां उन्होंने 10 मैचों में 18 विकेट लेकर पाकिस्तान को पहली और अब तक की एकमात्र वनडे विश्व कप ट्रॉफी जिताने में बड़ी भूमिका निभाई थी। इसके अलावा, उन्होंने 1999 में पाकिस्तान को विश्व कप फाइनल तक पहुंचाया, हालांकि वह खिताब जीतने में असफल रहे। मगर जिस मूर्ति के जरिए उनकी उपलब्धियों को सम्मानित किया जाना था, वही अब आलोचना का विषय बन गई है।

Deepu Choubey

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