दमोह। जिले के मगरोन थाना क्षेत्र के पैरवारा गांव में मंगलवार रात एक जमीनी विवाद सुलझाने गए पुलिस आरक्षक और डायल हंड्रेड के पायलट पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया और मारपीट कर जिंदा जलाने का प्रयास किया। दोनों ही घायलों को तत्काल ही गंभीर हालत में इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया जहां उनका इलाज जारी है। एसपी के निर्देशन में पुलिस अधिकारी घायलों से मिलने पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी।
जानकारी देते हुए घायल आरक्षक बलराम ठाकुर ने बताया कि मंगलवार रात करीब 8:00 बजे डायल हंड्रेड पर इंदर सिंह ने फोन पर बताया कि उनके खेत पर कुछ लोग अवैध तरीके से जेसीबी चला कर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। वह डायल हंड्रेड के पायलट मनोज के साथ पर पैरवारा गांव पहुंचे। तो वहां मौजूद धन्ना सिंह व अन्य लोगों ने पुलिसकर्मियों से कहा कि तुम्हें इंदर सिंह लोधी ने पैसे देकर यहां बुलवाया है, अब देखते हैं कौन क्या करता है। घायल आरक्षक ने आरोप लगाते हुए बताया कि वहां पहले से करीब 30 से 40 लोग मौजूद थे जिन्होंने पहले उन्हें जबरदस्ती शराब पिलाई और मारपीट करते हुए वहां खड़े एक ट्रैक्टर में आग लगा दी और वीडियो बनाकर कहा कि अब तुम इस बात को कबूल हो कि शराब के नशे में तुमने ही ट्रैक्टर में आग लगाई है। जब आरक्षक ने मोबाइल निकाल कर घटना का वीडियो बनाने का प्रयास किया तो आरोपियों ने फिर उनके साथ मारपीट की और पायलट व उसे आग में धकेल दिया। घटना में शामिल कुछ लोगों ने यह भी कहा कि पुलिस कर्मियों को जिंदा ना जलाया जाए। इसके बाद वह भागे और मगरोन थाने को सूचना दी गई।
पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी ध्रुव सिंह सहित अन्य लोग वहां से फरार हो गए। घायल सीधे वहां से एसपी निवास पहुंचे और घटना की जानकारी। जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल लाया गया, जहां ड्यूटी डॉक्टर ने घायलों का इलाज शुरू किया। घायल आरक्षक बलराम ने कहा कि इस घटना के पूरे वीडियो आरोपियों के मोबाइल में बने हुए हैं। इसलिए पुलिस अधिकारी घटना में शामिल लोगों के मोबाइल जब्त तक करें तो सच्चाई सामने आ जाएगी। कोतवाली टीआई मनीष कुमार एवं अन्य पुलिसकर्मी रात में ही जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों से जानकारी लेकर एसपी सूरत कीर्ति सोमवंशी को सूचना दी। एसपी के निर्देशन में मामले की जांच की जा रही है। हटा एसडीओपी, थाना प्रभारी और भी आसपास के थाना प्रभारी के अलावा भारी संख्या में पुलिस फोर्स रात में ही पैरवारा गांव पहुंच चुका था।








