हाल ही में कार्यस्थल पर यौन दुर्व्यवहार के मामले में बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति खरबंदा ने सशक्त प्रतिक्रिया दी है। कृति ने स्पष्ट किया कि किसी एक व्यक्ति के गलत आचरण की वजह से पूरी फिल्म इंडस्ट्री को बदनाम करना नाइंसाफी है। उन्होंने कहा कि दोष किसी पेशे या इंडस्ट्री का नहीं, बल्कि उस व्यक्ति की सोच और व्यवहार का होता है।
कृति ने कहा, “असली समस्या लोगों के व्यक्तित्व में है। ऐसा किसी भी क्षेत्र में हो सकता है। मीडिया हो या कॉर्पोरेट, महिलाएं और पुरुष दोनों ही इस तरह की स्थितियों का सामना करते हैं। चूंकि हम फिल्म इंडस्ट्री से हैं और लाइमलाइट में रहते हैं, इसलिए बातें ज्यादा उठती हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि जब किसी अन्य क्षेत्र में कोई अपराध होता है, तो उसके पेशे की नहीं, बल्कि उसके नाम और उम्र की चर्चा होती है, लेकिन फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा कोई व्यक्ति अगर ऐसा कुछ करता है, तो पूरी इंडस्ट्री को ही गलत ठहरा दिया जाता है।
एक्ट्रेस ने साफ तौर पर कहा कि कोई भी इंडस्ट्री इंट्रीसिकली अच्छी या बुरी नहीं होती, सिर्फ लोग अच्छे या बुरे होते हैं। यह उनके व्यक्तिगत मूल्य, परवरिश और सोच पर निर्भर करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमें यह समझना होगा कि दोषी व्यक्ति होता है, न कि पूरी बिरादरी या प्रोफेशन। बता दें, हाल ही में फिल्ममेकर अभिनव सिंह और सृष्टि रिया जैन ने सिनेमैटोग्राफर प्रतीक शाह पर कई महिलाओं को भावनात्मक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। अभिनव ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि जब उन्होंने प्रतीक के व्यवहार को उजागर किया, तो करीब 20 महिलाओं ने उनसे संपर्क किया और अपने अनुभव साझा किए।
कृति खरबंदा का यह बयान ऐसे समय आया है जब इंडस्ट्री एक बार फिर सवालों के घेरे में है। उनके शब्द इस बात का उदाहरण हैं कि किसी मुद्दे पर बिना पूर्वाग्रह के, तार्किक और जिम्मेदारी से भी बात की जा सकती है। उनका रुख न केवल संतुलित है, बल्कि यह समाज को सोचने पर मजबूर करता है कि दोष देने से पहले जांच और समझ जरूरी है। बता दें कि एक्ट्रेस कृति खरबंदा का बयान सिनेमैटोग्राफर प्रतीक शाह पर लगे गंभीर आरोपों के बीच आया है।








