मुर्शिदाबाद। राज्य के हिंसा‑प्रभावित शमशेरगंज सेक्टर में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 119वीं बटालियन के एक जवान ने शनिवार देर रात अपने ही साथी को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया। मृतक की पहचान रतन लाल सिंह (38) के रूप में हुई है, जबकि आरोपी एसके मिश्रा, राजस्थान निवासी, को बीएसएफ की त्वरित कार्रवाई के बाद शमशेरगंज थाना पुलिस ने इंसास राइफल समेत गिरफ्तार कर लिया।
घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि दोनों जवान हिंसा‑संतृप्त इलाक़ों में कानून‑व्यवस्था बहाल करने के हाइकोर्ट आदेश के तहत संयुक्त गश्त पर थे। शनिवार रात करीब 11 बजे किसी बात पर दोनों के बीच तीखी नोक-झोंक हो गई। गुस्से में आए मिश्रा ने अपनी इंसास से करीब 13 राउंड दागे; पाँच गोलियां रतन लाल को लगीं। इसके बाद साथी जवानों ने तुरंत ही घायल सिंह को अनूपनगर अस्पताल पहुँचाया, जहाँ से हालत नाज़ुक देख जंगीपुर अनुमंडल अस्पताल रेफ़र किया गया। जांच उपरांत चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
थाने में दर्ज एफआईआर
शमशेरगंज पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 एवं शस्त्र अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। मिश्रा को जंगीपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा। बीएसएफ ने आंतरिक कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी भी गठित कर दी है।
स्थानीय भरोसा डगमगाया
गाँवों में स्थायी बीएसएफ कैंप की माँग कर रहे ग्रामीणों ने घटना पर नाराज़गी जताई। एक ग्रामीण ने सवाल उठाया, अगर सुरक्षा के लिए तैनात जवान ही गुस्से में एक‑दूसरे पर गोली चलाएंगे, तो हमें कौन बचाएगा?








