नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार दावा कर रहे हैं कि उन्होने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाया। हालांकि भारत ने हर बार उनके दावों को सिरे से खारिज कर दिया। ट्रंप के दावों के उलट पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इसहाक डार ने बताया कि हमले के तुरंत बाद सऊदी प्रिंस फैसल बिन सलमान ने उनसे संपर्क किया और इच्छा जताई कि वे भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात कर भारत-पाक तनाव को कम करने में मदद करें। डार ने कहा, सऊदी प्रिंस फैसल बिन सलमान ने फोन करके पूछा कि क्या वह जयशंकर को बता सकते हैं कि पाकिस्तान रुकने के लिए तैयार है।
पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इसहाक डार ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस और शोरकोट एयरबेस पर एयरस्ट्राइक की थी। यह हमला 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में था जिसमें 26 आम नागरिक मारे गए थे। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने भी हाल ही में स्वीकार किया कि भारत ने ब्रह्मोस मिसाइलों से पाकिस्तान के कई क्षेत्रों पर हमला किया, जिनमें रावलपिंडी का एयरपोर्ट भी शामिल है। उन्होंने कहा, भारत ने फिर से मिसाइल हमले किए और हमारे विभिन्न प्रांतों, खासकर रावलपिंडी एयरपोर्ट को निशाना बनाया। उन्होंने यह भी कबूल किया कि 10 मई को तड़के 4:30 बजे पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई की योजना थी, लेकिन 9-10 मई की रात भारत के दूसरे दौर के हमले ने उस योजना को विफल कर दिया।
भारत सरकार ने अपने ऑपरेशन को सटीक, मापी गई और गैर-उत्तेजक कार्रवाई करार दिया था। भारत का दावा था कि उसने केवल आतंकी ढांचों और उन ठिकानों को निशाना बनाया, जो सीमा पार से हो रहे हमलों की योजना और समर्थन में शामिल थे। ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई को हुई, जिसमें भारत ने ड्रोन और मिसाइल हमलों के जरिए पाकिस्तान व पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों और सैन्य बेसों को निशाना बनाया। पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारत के सैन्य ठिकानों पर हमलों की कोशिश की, लेकिन भारत ने और भी प्रभावी जवाबी कार्रवाई की। लगातार चार दिनों तक चले इस टकराव के बाद 10 मई को दोनों देशों के बीच युद्धविराम पर एक अनौपचारिक समझौता हुआ।








