जबलपुर। मौसम के मिजाज अभी भी शीते-शीते और गीले गीले बने हुये हैं। जोरदार बारिश नहीं हो रही है, लेकिन पानी की फुर-फुर्र फुहारें चल रही हैं। भगवान सूर्यदेव के पिछले तीन दिनों से दर्शन नहीं हुये हैं। पानी की फुरफुराहट से वातावरण में नमी बनी हुई है, जिससे ठंडक का अहसास हो रहा है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में मानसून के सक्रिय होने के कारण पूर्वी मध्यप्रदेश में हल्की बारिश का दौर जारी है। धूप नहीं निकलने से पिछले दिनों हुई बारिश से गीली हुई सड़कें नहीं सूख पा रही हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अभी मौसम के मिजाज ऐसे ही बने रहेंगे।
मौसम कार्यालय के मुताबिक पश्चिमी मध्यप्रदेश के ऊपर हवा के कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। कम दबाव के प्रभाव से पूर्वी मध्यप्रदेश के शहरों में अनवरत बारिश का सिलसिला चल रहा है। लगातार पानी गिरने और हवा में नमीं बढ़ने से तापमान नीचे लुढ़का है। पिछले २४ घंटों के दौरान नगर का अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस सामान्य से 7 डिग्री कम और न्यूनतम तापमान 23.0 डिग्री सेल्सियस सामान्य से 3 डिग्री कम दर्ज किया गया। हवा में नमीं प्रात:काल 86 प्रतिशत और सायंकाल 92 प्रतिशत आंकी गई।
पिछले 24 घंटों के दौरान 1 मिमी वर्षा दर्ज की गई। १ जून से अब तक कुल वर्षा 60.5 मिमी (लगभग ढाई इंच) दर्ज की जा चुकी है। सूर्योदय सुबह 5.26 मिनिट पर और सूर्यास्त सायं 7 बजे हुआ। दक्षिण पश्चिमी हवाएं 4 से 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं। अगले २४ घंटों के दौरान संभाग के अनेक स्थानों पर छुटपुट वर्षा हो सकती है।








