नगर निगम आयुक्त को अवमानना नोटिस, हाई कोर्ट के पूर्व आदेश की अवहेलना
जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति द्वारिकाधीश बंसल की एकलपीठ ने पूर्व अादेश की अवहेलना के आरोप पर नगर निगम, जबलपुर की आयुक्त प्रीति यादव को अवमानना नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब कर लिया है। अवमानना याचिकाकर्ता नगर निगम, जबलपुर में कार्यरत कर्मी कृष्ण कुमार बडगैंया की ओर से अधिवक्ता मोहनलाल शर्मा, शिवम शर्मा व जितेंद्र गर्ग ने पक्ष रखा। दलील दी कि याचिकाकर्ता 1985 से दैनिक वेतनभोगी बतौर कार्यरत है। उसे आज तक 27 हजार 280 रुपये वेतन मिलता है। पीएफ तीन हजार 800 रुपये कटता है। मध्य प्रदेश शासन की सात अक्टूबर, 2016 की नीति के अनुसार विनियमितिकरण का लाभ दिया गया है। बावजूद इसके कि याचिकाकर्ता उमादेवी के न्यायदृष्टांत की रोशनी में नियमितिकरण का पात्र था। आलम यह है कि 1988 के पूर्व मूें समस्त कर्मियों की वरिष्ठता सूची 21 जनवरी, 2009 को तैयार की गई थी। जिसमें याचिकाकर्ता का सरल क्रमांक-304 था। अन्य कर्मी, जिनका सरल क्रमांक-354 व 384 था, उन्हें अपेक्षाकृत कनिष्ठ होने के बावजूद नियमितिकरण का लाभ दे दिया गया। इसके साथ ही लाखों रुपये एरियर्स का भुगतान किया गया। श्रम न्यायालय ने 20 सितंबर, 1990 की नीति के अंतर्गत नगर निगम के जल प्रदाय विभाग के 31 दिसंबर, 1988 से पूव्र के कर्मियों को नियमित करने का आदेश पारित किया था। यह लाभ न मिलने पर याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट की शरण ली थी। न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने छह जनवरी, 2024 को उसके हक में अादेश पारित किया था। 90 दिन के भीतर अभ्यावेदन निराकृत करने निर्देश दिया गया था। ऐसा न होने पर अवमानना याचिका दायर की गई है।