बहु की शिकायत पर पति, पत्नी बेटा भेजे गये जेल जबलपुर। हिंदू धर्म को लेकर विवादित टिप्पणी करने और स्कूल फीस मामले में सुर्खियों में आए जॉय स्कूल के संचालक अखिलेश मेबन एक बार फिर सलाखों के पीछे पहुंच गये हैं. इस बार उनकी पत्नी और बेटा भी उनके साथ जेल भेजे गये हैं. दरअसल मेबन परिवार पर उनकी बहू ने जबरन धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया और महिला थाने में एफआईआर दर्ज कराई उसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर मेडीकल परीक्षण कराने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उनका जेल वारंट जारी हो गया. महिला थाना प्रभारी भूमेश्वरी चौहान ने बताया कि 28 जून को अखिलेश मेबन की बहू आदर्श नगर नर्मदा रोड निवासी अकांक्षा अरोरा ने महिला थाने में एक लिखित शिकायत प्रस्तुत की, जिसमें उसने आरोप लगाया कि 20 दिसम्बर 2017 को तनय आईजेफ मेबिन पिता अखिलेश मेबिन निवासी विजय नगर जबलपुर के साथ उसका विवाह हुआ था। विवाह के पूर्व तनय मेबिन, अखिलेश मेबिन (ससुर), नीनू मेबिन (सास) ने उस पर धर्म परिवर्तन के लिये दबाव बनाया इसी शर्त पर शादी के लिये राजी हुये। मेथोडिस्ट चर्च बडी ओमती में 10 दिसम्बर 2017 को जबरन धर्म परिवर्तन कराया और उसके बाद शादी रचाई गई । शादी के बाद तनय मेबिन अखिलेश मेविन, नीनू मेविन ने मेरे साथ धर्म को लेकर अत्याधिक प्रताड़ना और मारपीट की और आर्मी के कैप्टन पद से उसकी नौकरी भी छुड़वा दी। वहीं 25 दिसम्बर 2020 को घर से निकाल दिया। उसके बाद से वह मजबूरी में अपने माता पिता के साथ रह रही है। अलग होने के बाद 13 अगस्त 2023 को तनय मेबिन ने फोन किया और मिलने बोला फिर दूसरे दिन 14 अगरुत कसे को तनय मुझ से मिला और बोला कि 10-20 लाख रुपये भीख में दे देंगे समझौता कर लो। धर्म परिवर्तन तो करा ही दिया है। लिखित शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने पीड़िता के बयानों के आधार प्रथम दृष्टया धर्मांतरण का मामला पाए जाने पर तीनों आरोपियों अखिलेश मेबन, नीनू मेबन और तनय मेबन के खिलाफ धारा 115(2),351 (2) BNS 3,5 म.प्र. धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.