जबलपुर में पैंगोलिन तस्करी रैकेट का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार
जबलपुर। विलुप्तप्राय वन्यप्राणियों की तस्करी के एक मामले का खुलासा एक वायरल वीडियो के माध्यम से हुआ है। इस वीडियो की मदद से वन विभाग ने पैंगोलिन की तस्करी में लिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई वन विकास निगम कुंडम परियोजना की टीम द्वारा की गई, जिसमें एक 4 वर्षीय मादा पैंगोलिन को जीवित बरामद किया गया।
विकास निगम के संभागीय प्रबंधक राहुल मिश्रा ने बताया कि ढीमरखेड़ा तहसील क्षेत्र में वन विकास निगम कुंडम परियोजना के कर्मचारियों की नजर सोशल मीडिया में वायरल एक वीडियों पर पड़ी। जिसमें एक व्यक्ति विलुप्ती की कगार पर पहुंच चुके पैंगोलिन को पकड़ रहा है। इस मामले में पतासाजी कर मझगवां थाना क्षेत्र के ग्राम छनगवा निवासी सुरेंद्र दहिया के द्वारा पकड़ा गया है। जिसका ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया था। पूछताछ में उसके द्वारा बताया गया कि उक्त पेंगोलिन को उसने कंधी पटैल निवासी सोनपुर (महगवां) को रखने के लिए दिया गया है। जिसके बाद टीम ने सुरेन्द्र की निशानदेही पर बीट- सुन्तरा के कक्ष क्रमांक पीएफ 37 के पास ग्राम सोनपुर (महगवां) तहसील सिहोरा थाना मझगवां पहुंचकर कंधी पटैल के घर पर छापा मारा। पूछताछ में कंधी पटैल ने बताया कि उसके द्वारा पेंगोलिन को तेजी गोंड पिता अर्जुन सिंह के घर पर रखने को दिया है। तत्पश्चात कंधी पटैल को साथ में लेकर तेजी सिंह के घर पहुंचे। तेजी सिंह के द्वारा घर के अंदर से सीमेंट की बोरी में बंद पेंगोलिन को लाकर दिया गया। इसके पश्चात पेंगोलिन की जप्ती की कार्यवाही कर तीनों आरोपियों पर वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 2, 9, 39, 48(।), 51, 52 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वहीं न्यायालय से प्राप्त अनुमति के तहत जीवित पेंगोलिन को पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी में उसके प्राकृतिक आवास में वन्यप्राणी संरक्षण ट्रस्ट के सदस्यों की उपस्थिति में पेंच टाइगर रिजर्व सिवनी छोड़ा गया।