रविवार को बूंदाबांदी के बाद मिली राहत, बारिश के आसार
जबलपुर। लगभग एक पखवाड़े के बाद जबलपुर में बारिश का दौर थमा, इसके बाद जनजीवन समान्य रहा. पिछले एक पखवाड़े से लगातार रुक रुक कर बारिश का दौर चलता रहा. सोमवार को सुबह से ही मौसम साफ रहा. बीच बीच में बादल छाए हलकी बूंदाबांदी हुई, इसके बाद धूप भी निकली , गीली सड़कें सूख गईं. यहां गौरतलब है की लगभग एक पखवाड़े से जबलपुर शहर में बारिश का अनवरत दौर जार रहा है. सावन के शुरुआती दौर में ही बारिश का करीब आधा कोटा पूरा हो गया, अभी भी मानसून मेहरबान है. कइ सालों के अंतराल के बाद प्रतिदिन बारिश दर्ज की गई. वर्ना तेज बारिश के बाद एक एक हफते तक बारिश का ब्रेक होता रहा है. इस साल अबतक 22.2 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है.. जबलपुर में बारिश का औसत कोटा 50-55 इंच के करीब है. मौसम विभाग का कहना है की
पूर्वी उत्तरप्रदेश और पश्चिम बंगाल में हवा के कम दबाव का क्षेत्र व चक्रवात बनने से मध्यप्रदेश में अच्छी बारिश के आसार बने हुये हैं। आषाढ में झामाझम के बाद सावन के भी खुलकर बरसने के आसार हैं. रविवार को सुबह से ही आसमान पर बादल छाये रहे। ऐसी उम्मीद बनी थी कि जमकर बारिश होगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं। सुबह टिमटिमाकर पानी बरसा और निकल गया। मौसम में आए बदलाव से शीतल बयारें राहत दे रहीं थीं। पिछले 24 घंटों के दौरान नगर का अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस सामान्य से 2 डिग्री कम दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस सामान्य से 3 डिग्री कम दर्ज किया गया। हवा में नमी प्रातःकाल 92 प्रतिशत, सायंकाल 75 प्रतिशत आंकी गईं 24 घंटों में कुल वर्षा 42.0 मिमी दर्ज की गई। जबकी रविवार को मात्र 1.2 मिमि बूंदाबांदी दर्ज की गई. 1 जून से अब तक हुई कुल वर्षा का आंकड़ा 565.06 मिमि लगभग 22.2 इंच पर पहुंच गया है। गत वर्ष आज के दिन वर्षा नहीं हुई थी जबकि कुल वर्षा 245.5 मिमि दर्ज की गई थी। गत वर्ष आज के दिन अधिकतम तापमान 33.2 और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के मुताबिक झारखंड में कम दबाव का क्षेत्र है, जबकि उत्तर पश्चिमी मध्यप्रदेश में हवा का कम दबाव बना हुआ है। लिहाजा अगले 24 घंटों के दौरान जबलपुर, ग्वालियर और रीवा संभाग में जोरदार वर्षा हो सकती है।